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Today (17:55) Rlys pitches for strategic line in Leh (www.deccanherald.com)
New Facilities/Technology
NR/Northern
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News Entry# 365114  Blog Entry# 3910155   
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Oct 17 2018 (17:55)
Station Tag: Joginder Nagar/JDNX added by BijapurBulls2Titles~/48335
Stations:  Joginder Nagar/JDNX  
Railways have proposed that its strategically significant Bilaspur-Manali-Leh line along the Indo-China border, which will be the world's highest railway track, be declared a national project, officials said Wednesday.
It has also suggested that the construction on a 51 kilometre stretch between Upshi in Himachal Pradesh and Phe in Leh begin immediately.
"The first phase of the survey for the project has been completed and initial estimates put the cost of the 465 km line at Rs 83,360 crore. This is the most difficult project undertaken by the railways and is one of
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five most significant projects in terms of strategic importance.
"We have suggested that the project be declared a national project as once completed it will help our armed forces, as well as boost tourism and lead to the development of the region," said General Manager, Northern Railway, Vishesh Chaube.
The advantage of a project being declared a national project is that a major chunk of the funding for the project is borne by the central government.
The project, which will have the highest road point of 5360 metres above mean sea level, is comparable only to the Qinghai-Tibet Railway Line in China, which is at a height of around 2000 metres above sea level.
It was in September that Thupstan Chhewang, the BJP MP from Leh, had written a letter to the Minister of Railways to seek national project status for the project.
"It would be of national interest to sanction this Bilaspur-Manali-Leh as a national project and undertake the execution of its first part from Upshi to Leh may be started immediately on priority by the government after sanctioning its part estimate," he had written in the letter, a copy of which is with PTI.
The 51-kilometre stretch is a gentle gradient compared to the rest of the project and is likely to be completed in two years' time with an approximate cost of Rs 5,000 crore, said Alok Kumar, Chief Administrative Officer, Construction, Northern Railway.
The line once completed will connect important locations between Bilaspur and Leh like Sundernagar, Mandi, Manali, Keylong, Koksar, Darcha, Upshi and Karu and other important towns of Himachal Pradesh and Jammu and Kashmir enroute.
The project will include 74 tunnels, 124 major bridges and 396 minor bridges, according to the first phase of the survey.
Once finished the line will reduce the distance between Delhi to Leh from the present 40 hours to 20 hours, Chaube said.
The final location survey is expected to be completed in 30 months' time after which a detailed project report will be finalised, he said.
  
Today (17:48) रात के अंधेरे में पहली बार रेलवे ने दिया नक्सलियों की चुनौती का जवाब (www.jagran.com)
Commentary/Human Interest
ECR/East Central
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News Entry# 365113  Blog Entry# 3910125   
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This is a new feature showing past edits to this News Post.
धनबाद, जेएनएन। रात के अंधेरे में नक्सलियों द्वारा विस्फोट कर पटरी उड़ाए जाने के बाद भी अब बहुत देर तक रेलगाड़ियों के पहिए नहीं रुकेंगे। रेलवे ने झारखंड में नक्सलियों की चुनाैती को स्वीकार करते हुए जवाब देने का मन बना लिया है। धनबाद-गया रेल खंड पर चेंगरो और चाैधरीबांध के बीच उड़ाई गई पटरी को रात के अंधेरे में ही मरम्मत कर बाधित रेलगाड़ियों का परिचालन कर रेलवे ने अपना साफ संदेश दे दिया है। यह संदेश है कि रेलवे अब नक्सलियों के डर के आगे विवश दिखने को तैयार नहीं है।  झारखंड बंद के दाैरान नक्सलियों ने पूर्व मध्य रेलवे के धनबाद रेल मंडल स्थित चेंगरो व चौधरीबांध के बीच सोमवार की रात पाैने ग्यारह बजे बम विस्फोट अप व डाउन रेल लाइन उड़ा दिया। इसके बाद धनबाद और गया के बीच दर्जन भर से ज्यादा रेलगाड़ियों के पहिए थम गए। नक्सलियों के हमले की परवाह न कर रात...
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के अंधेरे में ही रेलवे की बचाव एवं राहत टीम उनके मांद में पहुंच गई। कर्मियों ने युद्धस्तर पर क्षतिग्रस्त रेल पटरी तथा कई कंक्रीट स्लीपर को दुरुस्त किया। इसके बाद अहले सुबह 4:40 बजे कोशन देकर डाउन लाइन पर दो लाइट इंजन को भेजा गया। तब जाकर पहली गाड़ी जोधपुर हावड़ा एक्सप्रेस रवाना हुई। वहीं अप लाइन पर पेट्रोल स्पेशल को भेजने के बाद ही नीलांचल एक्सप्रेस को गंतव्य के लिए रवाना कराया गया। इस दाैरान माैके पर गोमो एडीईएन निशांत चौधरी, पीडब्ल्यूआइ बीसी साह, शैलेंद्र कुमार, गोमो आरपीएफ इंस्पेक्टर टीएस अहमद अपने दल बल के साथ मौजूद थे। रात का अंधेरा छंटने से पहले ही रेल परिचालन सामान्य कर दिया गया।
अब तक रात में नहीं होता था मरम्मत कार्यः धनबाद रेल मंडल का एक बड़ा हिस्सा घनघोर नक्सल प्रभावित है। आमताैर पर अपने आंदोलन के दाैरान नक्सली रेल पटरी को आसान निशाना बनाते हैं। जब भी उनका आंदोलन हुआ रेल पटरी को छति पहुंचाई गई। लेकिन, रात में पटरी उड़ाने के बाद तुरंत मरम्मत कार्य शुरू नहीं होता था। नक्सलियों के डर से अंधेरा छंटने का इंतजार किया जाता था। झारखंड में पुलिस मुख्यालय का भी निर्देश है कि रात में कोई नक्सली घटना की सूचना मिलने के बाद माैके पर पुलिसकर्मी नहीं जाएंगे। पुलिसकर्मी अंधेरा छंटने का इंतजार करते हैं और अगले दिन प्रकाश में ही जाते हैं। ऐसा इसलिए कि नक्सली उन्हें आसान शिकार बना सकते हैं। यही कारण है कि रेलवे भी झारखंड पुलिस के दिशा-निर्देश पर चल रही थी। चेंगरो व चौधरीबांध के बीच उड़ाई गई पटरी रात में मरम्मत कर रेलवे ने नक्सलियों के आगे न झुकने का साफ संदेश दे दिया है। 
कर्मचारियों-अधिकारियों की रेलवे ने की हाैसलाअफजाईः रेल पटरी उड़ाए जाने के बाद जान-माल की हानि रोकने और रात में ही परिचालन शुरू कराने में रेलकर्मियों की सराहनीय भूमिका रही। ट्रैकमैन चंद्रेश कुमार और मुबारक हुसैन ने विस्फोट की आवाज सुनते ही चाैधरीबांध के सहायक स्टेशन मास्टर राजू कुमार को तुंरत सूचना दी। इसके बाद रेल परिचलान रोक दिया गया। परिचालन नहीं रोका गया होता तो बड़ी रेल दुर्घटना हो सकती थी जिसकी योजना नक्सलियों ने बनाई थी। घटना के डेढ़ घंटे बाद ही सुरक्षाबल और पीडब्ल्यूआई की टीम माैके पर पहुंच गई। और इसके  बाद शुरू हुआ नक्सलियों की चुनाैती को जवाब देने का काम। कर्मचारियों और अधिकारियों की हाैसलाअफजाई के लिए मंगलवार की शाम धनबाद रेल मंडल प्रबंधक अनिल कुमार मिश्र ने दोनों ट्रैकमैन और सहायक स्टेशन मास्टर को आमंत्रित कर सम्मानित किया। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने भी बुधवार को तीनों को नई दिल्ली बुलाकर सम्मानित किया है।
  
Today (17:46) वर्ल्ड हेरिटेज रेल ट्रैक पर दौड़ा 113 साल पुराना स्टीम इंजन (www.jagran.com)
Commentary/Human Interest
NR/Northern
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News Entry# 365112  Blog Entry# 3910119   
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Oct 17 2018 (17:46)
Station Tag: Shimla/SML added by Anupam Enosh Sarkar*^~/401739

Oct 17 2018 (17:46)
Station Tag: Kalka/KLK added by Anupam Enosh Sarkar*^~/401739
Stations:  Kalka/KLK   Shimla/SML  
जेएनएन, श‍िमला। कालका-श‍िमला रेल मार्ग में बुधवार को 113 साल पुराना भाप इंजन चलाया गया। भाप इंजन को शिमला रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाई गई। हसीन वादियों का विदेशी सैलानियों ने खूब लुत्फ उठाया। इस भाप इंजन ने शिमला से कैथलीघाट तक 22 किलोमीटर की दूरी तय की। विश्व धरोहर कालका-शिमला रेल मार्ग 100 साल से भी अधिक पुराना रेल ट्रैक है। इस मार्ग को वर्ष 2008 में यूनेस्को ने तीसरी रेल लाइन के रूप में विश्व धरोहर में शामिल किया था। इस इंजन का वजन 41 टन का है। जिसकी क्षमता 80 टन खींचने की है। शिमला-कालका रेल लाइन को यूनेस्कों की ओर से विश्व धरोहर का दर्जा दिया गया है। इसके अलावा हमारे देश में रेलवे और नीलगिरि रेलवे को भी विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त है। साल 1903 में बिछाई गई 96 किलोमीटर कालका-शिमला रेललाइन में 103 सुरंगें, 800 पुल और 18 रेलवे स्टेशन हैं। समुद्र तल...
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से ट्रैक की ऊंचाई 2800 फीट से लेकर 7 हजार फीट है। 108 साल पुराना केसी 520 स्टीम लोकोमोटिव इंजन साल 1905 में अंग्रेजों ने शिमला से कैथलीघाट के बीच चलाया था। साल 2001 में दोबारा इसे तैयार किया गया और ट्रैक पर चलाया गया।
  
जेएनएन, नई द‍िल्‍ली। कई सालों से लटक रहे ब‍िलासपुर-मनाली-लेह रेलमार्ग पर अब काम होगा। सामर‍िक महत्‍व के इस मार्ग को बनाने के ल‍िए कई सालों से बात तो उठती थी, लेकिन कार्य नहीं हो पाया था। अब इस मार्ग का सरकार न‍िर्माण करवाने की तरफ बढ़ी है। इससे जहां लोग देश के सबसे ऊंचाई वाले क्षेत्र में रेल भ्रमण का लुत्‍फ ले पाएंगे। वहीं इससे चीन-त‍िब्‍बत सीमा पर सुरक्षा ढांचा भी मजबूत होगा। ह‍िमाचल व जम्‍मू के बीच बनने वाले इस रेल मार्ग का सर्वे का काम पूरा हो गया है। देश के सबसे महत्‍वपूर्ण इस रेल प्रोजेक्‍ट पर करीब 83 हजार 360 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। 465 क‍ि‍लोमीटर इस मार्ग में 244 क‍िलोमीटर सुरंग न‍िर्माण होगा। इसमें सबसे लंबी टनल 27 क‍िलोमीटर होगी। इस मार्ग की सबसे खास बात होगी क‍ि यह मार्ग दुन‍िया का सबसे ऊंचा रेलमार्ग होगा। चीन द्वारा त‍िब्‍बत तक बनाया गया मार्ग भी...
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इससे नीचे होगा। ब‍िलासपुर से लेकर लेह तक 30 रेलवे स्‍टेशन बनाए जाएंगे। इसमें केलंग रेलवे स्‍टेशन पूरी तरह से पहाड़ के नीचे सुरंग में बनाया जाएगा। उतर रेलवे के म‍हाप्रबंधक व‍िश्‍वेश्‍वर चौबे ने यह जानकारी दी। इसका एक अंत‍िम सर्वे होने के साथ ही इसका दो साल में काम शुरू होने की उम्‍मीद है।
इस रूट पर सिंगल लाइन ब्रांड गेज लाइन होगी तथा 75 किमी प्रति घंटा तक की गति से रेलगाड़ी को चलाया जा सकेगा। इस पूरे रेल रूट पर 124 बड़े ब्रिज और 396 छोटे ब्रिज भी होंगे। उत्तर रेलवे ने लेह तक रेल लाइन पहुंचाने के लिए दो व तीन चरण के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किए थे। इसमें बड़ी कंपनियों ने इस रेल लाइन को बिछाने में रुचि दिखाई है। इस रेल लाइन के दो चरण में पूरे रूट की सेटेलाइट के जरिए फाइनल अलाइनमेंट लोकेशन स्टडी की जाएगी। इसके बाद कार्य शुरू होगा।
  
Today (17:42) Railway police on high alert after Sabari Express heist (www.newindianexpress.com)
Commentary/Human Interest
SR/Southern
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News Entry# 365110  Blog Entry# 3910108   
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Oct 17 2018 (17:42)
Station Tag: Jolarpettai Junction/JTJ added by Anupam Enosh Sarkar*^~/401739

Oct 17 2018 (17:42)
Station Tag: Katpadi Junction/KPD added by Anupam Enosh Sarkar*^~/401739
Armed police personnel have been deployed near home signals at Katpadi and Jolarpet stations on Tuesday.
CHENNAI: Four days after a gang of robbers struck Sabari Express and looted gold chains weighing about 20 sovereigns from five women passengers near Katpadi, Government Railway Police has intensified security for trains in Arakkonam - Jolarpet sections.
Armed police personnel have been deployed near home signals at Katpadi and Jolarpet stations on Tuesday.
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October 11, around 3 am, when the Hyderabad - Thiruvananthapuram Sabari Express left Katpadi station, a gang of six masked persons entered three reserved coaches and woke up women passengers who were sleeping. They snatched gold chains weighing about 20 sovereigns from five passengers at knifepoint.
The robbery incident took place within five minutes and even before passengers could raise an alarm, the robbers pulled the emergency chain and got down. Later, they escaped in a car parked near the railway track.
Following this incident, a team of top railway officials inspected  Katpadi and Jolarpet railway stations and reviewed the security arrangements.
Balakrishnan, DSP, Government railway police, Salem, said trains move at snail’s space during track change from Katpadi station. “So, robbers board the train mostly near the home signal on both sides. So, two armed police personnel have been deployed at home signals of Katpadi junction” he said.
Preliminary investigation revealed that interstate robbers were involved in the incident. The CBCID which cracked the Chennai - Salem train robbery incident that occurred on August 8, 2016 had already warned the GRP over the presence of inter-State robbers across Tamil Nadu. Two persons from Madhya Pradesh were arrested a few days ago in connection with the train heist.
Prior Incidents:
November 3, 2016:15 sovereigns snatched from passengers of The Niligiris and Mysore Express when trains halted near Katpadi.
December 3, 2016: 20 sovereigns looted on Kerala Express near Katpadi.
February 10, 2017: 20 sovereigns stolen in Sabari Express near Jolarpettai.
April 4, 2017: Gang hits Kerala Express, near Morappur, loots 16 sovereigns.
April 23,  2017: A gang of robbers strike Bengaluru - Chennai Express and loot 25.5 sovereigns near Jolarpettai
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